आखिर इस ‘मुख्यमंत्री की बीवी’ इतनी मशहूर क्यूँ हैं… ?

आज का दिन मध्य प्रदेश के लिए बेहद खास है क्योंकि आज पूरे प्रदेश में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। जिसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की कुर्सी तो दांव पर लगी ही है साथ ही प्रदेश की ‘आधी मुख्यमंत्री’ पर भी सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। देश में जितने भी मुख्यमंत्रियों की बीवियां हैं उनमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह आखिर इतनी मशहूर क्यूँ हैं। साधना सिंह के मशहूर होने के दो बड़े कारण हैं- साधना और शिवराज सिंह की प्रेमकहानी और दूसरा प्रदेश के कई घोटालों में नाम।

13 साल की उम्र में 1972 में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ने के बाद शिवराज सिंह ने भीष्म प्रतिज्ञा ली थी कि वे ताउम्र शादी नहीं करेंगे। सभी छोटे भाई-बहनों की शादी होने के बाद उनकी बड़ी बहन और मां को चिंता सताने लगी कि आखिर शिवराज कब शादी करेंगे। कुंवारेपन तक शिवराज 1990 में बुधनी विधान सभा से विधायक और विदिशा से सांसद भी बन चुके थे। लेकिन जब किसी बहाने से उन्हें महाराष्ट्र के गोंदिया की मतानी राजपूत परिवार की लड़की साधना को दिखाया गया तो उनकी सारी प्रतिज्ञा चूर-चूर हो गई और वे साधना सिंह से विवाह के लिए राजी हो गए। आखिरकार शिवराज भी 1992 में साधना सिंह के साथ विवाह के बंधन में बंध गए।

अब वो कहानी जिसके लिए शिवराज ने भीष्म प्रतिज्ञा तोड़ी उन्हीं का नाम घोटाले में आने से शिवराज के होश फाख्ता हो गए। जी हां, शिवराज की राजनीति की गाड़ी ने दो-तीन डैंट इतने बड़े लगे हुए है कि जिसमें उनकी पत्नी साधना सिंह का नाम प्रमुख रूप से आता है। ये घोटाले हैं – देश को हिला देने वाला व्यापमं और डंपर घोटाला।

व्यापम घोटाले में ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की एक परीक्षा में पास हुए 19 लोग साधना सिंह के गांव और शिवराज सिंह चौहान के ससुराल गोंदिया (महाराष्ट्र) के थे। कांग्रेस का आरोप था कि कॉल डीटेल्स में मुख्यमंत्री के घर से किसी महिला ने घोटाले में जेल गए मुख्य आरोपी MPPEB कंट्रोलर पंकज त्रिवेदी और सिस्टम ऐनालिस्ट नितिन मोहिंद्रा को 139 बार फोन किया। कांग्रेस का आरोप है कि वे फोन साधना सिंह ने ही किए हैं।

दूसरे बड़े डंपर घोटाले में कांग्रेस का आरोप था कि शिवराज सिंह चौहान 29 नवम्बर, 2005 को प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। 4 अप्रैल 2006 को चुनाव लड़ने के दौरान शिवराज सिंह ने नामांकन भरा था, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी साधना सिंह के बैंक खाते में 2 लाख 30 हजार रुपये बताए थे। उस वक्त इस राशि से दो करोड़ रुपये मूल्य के 4 डंपर नहीं खरीदे जा सकते। चारों डंपर साधना सिंह के नाम पर दर्ज थे, और उसमें पता जे.पी. नगर प्लांट रीवा का दर्ज था। हालांकि बाद में इस घोटाले से शिवराज और उनकी पत्नी साधना सिंह को क्लीन चिट दे दी गई थी।

लेकिन इस बार ‘भाभी’ या ‘मामी’ के चुनाव प्रचार में पसीने छूट गए हैं। माना जाता है कि शिवराज की बुधनी विधान सभा की आसपास की 10 से 12 सीटों पर शिवराज का असर है लेकिन ये असर इस बार उस वक्त फीका पड़ता दिखाई दिया जब मुख्यमंत्री की पत्नी को एक महिला ने पानी की शिकायत करते-करते हड़का दिया। जिससे उनकी वहां बहुत किरकिरी हुई।

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