क्या से ‘क्या हो गए शशि थरूर…’ ?

हैरत होती है कि संयुक्त राष्ट्र में एक समय अध्यक्ष पद के दावेदार रहे शशि थरूर जब किसी न किसी ऐसे मुद्दे पर चर्चा में आ जाते हैं जहां उन्हें समझदार मानने के बजाय लोग उनका मजाक उड़ाना शुरू कर देते हैं। हालांकि ऐसा दिग्विजय सिंह और मणिशंकर अय्यर जैसे नेताओं के साथ भी होता रहता है। लेकिन शशि थरूर जैसे व्यक्ति की मजाक बने तो सोचने की बात तो है। अब ये समझ से परे हैं कि ये नेता स्वाभाविक ही ऐसी हरकतें कर रहे हैं या इनसे जानबूझकर करवाई जा रही हैं। खैर, बात उस विषय की जिसने आज फिर से शशि थरूर जैसे पढ़े-लिखे व्यक्ति को हंसी का पात्र बनाकर रख दिया है।

दरअसल कांग्रेसी सांसद शशि थरूर ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लिखी किताब THE PARADOXIAL PRIME MINISTER का सोशल मीडिया पर प्रमोशन किया। इस दौरान उन्होंने ‘फ्लोक्सिनॉसिनिहिलिपिलिफिकेशन’ शब्द का प्रयोग किया।

बस इसके बाद तो सोशल मीडिया ने उन्हें आड़े हाथों लेते हुए कहा कि क्या इस किताब को खरीदने पर डिक्शनरी मुफ्त में मिलेगी ? थरूर ने लिखा, 400 पन्नों की इस किताब के अलावा ‘फ्लोक्सिनॉसिनिहिलिपिलिफिकेशन’ पर मेरी मेहनत भी है।

दरअसल, इस शब्द का अर्थ है- किसी भी बात पर आलोचना करने की प्रवृत्ति चाहे वो सही हो या गलत। ट्विटर पर एक यूजर्स ने लिखा कि इस शब्द को पढ़ने के लिए मुझे क्लास लेनी पड़ेगी और किताब को पढ़ने के लिए ना जाने कितनी डिक्शनरी और पढ़नी होंगी।

हालांकि एक यूजर्स ने उन्हें चुनौती दी कि इस शब्द को आप कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पढ़ने के लिए कहिए… देखते हैं दोहरा पाते हैं या नहीं।

 

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