शिक्षा पर एक लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी मोदी सरकार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित कॉन्फ्रेंस ऑन एकेडैमिक लीडरशिप में कहा कि शिक्षा के महत्व को गुरु रवीन्द्र नाथ टैगोर ने भी समझाया था। पीएम ने कहा कि जीवन को आगे बढ़ाने के लिए साधन औैर साध्य में एक रूपता होनी चाहिए। उन्होंने वेद को संस्कृति का आधार स्तंभ बताया और कहा कि इसका शाब्दिक अर्थ ज्ञान ग्रंथ है। वहीं, बाबा साहेब का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने कहा था कि चरित्रहीन और विनयहीन शिक्षित व्यक्ति भी पशु के समान होता है। शिक्षा से अधिक महत्व चरित्र का है। वहीं, पं. दीन दयाल उपाध्याय का नाम लेकर उन्होंने कहा था कि शिक्षा के बिना समाज का विकास संभव नहीं है और समाज को शिक्षित करने की जिम्मेदारी समाज की ही है।

900 उच्च शिक्षण संस्थान, 40 हजार कॉलेज
इस दौरान पीएम ने बताया कि हमारे देश में लगभग 900 उच्च शिक्षण संस्थान और 40 हजार कॉलेज हैं। अगर हम चुनौतियों से निपटने के लिए इनका सहयोग लें तो स्थितियां काफी भिन्न हो सकती हैं। हमने अटल टिकरिंग लैब की शुरुआत की है।

शिक्षा में निवेश पर ध्यान
उच्च शिक्षा को मजबूत करने के लिए हमारी सरकार का एक लाख करोड़ रुपये खर्च करने का इरादा है।’ उन्होंने बताया कि ‘GYAN’ योजना के तहत हम शिक्षण संस्थानों में दुनिया भर के बेहतरीन शिक्षकों को आमंत्रित कर रहे हैं, जिससे बदलाव जाया सके। इस सम्मेलन के दौरान देश भर के चुनिंदा 350 से ज्यादा विश्वविद्यालयों के कुलपति और निदेशक मौजूद रहे। कार्यक्रम का आयोजन यूजीसी, एआइसीटीई, आइसीएसएसआर सहित उच्च शिक्षा से जुड़े संगठनों ने किया है।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s