गगनयान की कमान देश की बेटी के हाथों में

भारत की धरती से किसी भारतीय नागरिक को अंतरिक्ष में तिरंगा फहराने के लिए ले जाने वाले गगनयान मिशन को साल 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य बनाया गया है। इसके लिए इसरो ने डॉ. वीआर ललितांबिका को चुना है जो 100 से भी अधिक स्पेस मिशन्स पर कम कर चुकी हैं। जब फरवरी 2017 में भारत ने एक साथ 104 सैटलाइट प्रक्षेपित कर रेकॉर्ड बनाया था, ललितांबिका उसके पीछे की टीम की सदस्य थीं। एक बार फिर भारत को गौरवान्वित करने के लिए वह पूरी तरह कमर कस चुकी हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने जिंदगी या इसरो में भी कभी महिला होने के कारण भेदभाव का सामना नहीं किया। संगठन से जुड़ने के बाद आप सिर्फ अपना काम करते हैं, चाहें महिला हो या पुरुष। उन्होंने बताया कि इसरो में 30 साल के कार्यकाल में उन्होंने एएसएलवी और पहले पीएसएलवी को फेल होते देखा है जो कि बेहद दुखी कर देने वाला अनुभव था लेकिन उससे उन्हें बहुत कुछ सीखने के मिला। उसके बाद पीएसलवी इसरो का सबसे विश्वसनीय वीइकल निकला। उन्होंने बताया कि उन्होंने पीएसलवी के बाद जीएसएलवी, एमके II, एमके III और रीयूजेबल वीइकल पर काम किया। उनकी टीम गाइडेंस, ऑटोपाइलट डिजाइन, नैविगेशन गाइडेंस और हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर से जुड़े कंट्रोल स्टिम्यूलेशन पर भी काम करती आई है।

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