‘दलित’ शब्द बना इतिहास

35149-ttpzlejrgu-1508252713मोदी सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से टीवी चैनलों को अडवाइजरी जारी कर दलित शब्द के इस्तेमाल से परहेज करने का सुझाव दिया गया है। बॉम्बे हाई कोर्ट के एक फैसले को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय ने यह अडवाइजरी जारी की है। मंत्रालय ने दलित की बजाय अनुसूचित जाति शब्द का इस्तेमाल करने को कहा है। इसके बाद से ही दलित शब्द के इस्तेमाल के पक्ष और विपक्ष में जोरदार बहस चल रही है। ‘दलित’ शब्द की उत्पत्ति की बात करें तो कथित दलित गौरव का प्रतीक भीमा कोरेगांव युद्ध की तरह ही यह भी ब्रिटिश राज से जुड़ता है।

ईस्ट इंडिया कंपनी के आर्मी अफसर जे.जे. मोल्सवर्थ ने 1831 में एक मराठा-इंग्लिश डिक्शनरी में इस शब्द का इस्तेमाल किया गया था। इसके अलावा दलित उद्धारक महात्मा ज्योतिबा फुले ने इसका इस्तेमाल किया था और फिर ब्रिटिश सरकार ने इसका उल्लेख किया। जेएनयू के समाजशास्त्री विवेक कुमार इस शब्द के इतिहास को लेकर कहते हैं, ‘दलित शब्द बौद्ध ग्रंथ कुलुवग्गा विनय पिट्टका में भी पाया जाता है।’

हालांकि अधिकतर भारतीयों के लिए यह शब्द बहुजन समाज पार्टी के अस्तित्व के बाद का है। बीएसपी के संस्थापक कांशीराम ने देश भर में दौरे किए और इस शब्द के इस्तेमाल के जरिए ही बड़े पैमाने पर अनुसूचित जातियों को संघर्ष और आत्मसम्मान के लिए एकजुट करने का प्रयास किया था। युवाओं की बात करें तो उनके लिए दलित शब्द 1990 के दौर का है, जब बीएसपी राजनीतिक परिदृश्य में उभर रही थी और इस टर्म का इस्तेमाल किया जा रहा था।

यही नहीं बीएसपी की स्थापना के शुरुआती दौर में अनुसूचित जातियों के लिए ‘हरिजन’ दिए जाने को लेकर महात्मा गांधी की भी आलोचना की गई थी। कांशीराम हरिजन के मुकाबले दलित शब्द के इस्तेमाल पर जोर देते हुए कहते थे, ‘यदि हम भगवान की संतान हैं तो क्या अन्य हिंदू शैतान की औलाद हैं?’ कांशीराम और उनकी सहयोगी मायावती ने इस शब्द को तेजी से आगे बढ़ाया और फिर कुछ सालों में ही हरिजन के मुकाबले दलित शब्द का प्रचलन बढ़ गया।

हालांकि इससे दशकों पहले भी दलित शब्द अस्तित्व में था। 1972 में नामदेव धसाल और उनके साथियों ने दलित पैंथर्स का गठन किया था। हालांकि दलित पैंथर्स और बीएसपी ने 200 साल की उस दलित मूवमेंट की कड़ी को ही आगे बढ़ाने का काम किया, जिसके तहत दलितों ने अन्याय को सहने की बजाय संघर्ष के रास्ते पर जाने का फैसला लिया।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s