गलत और गंदे पोस्ट करने वालों को पकड़ेगा फेसबुक

फेसबुकfacebook-logo_0 ने गाली-गलौज, अश्लील, आतंकवाद से संबंधित कॉन्टेंट हटाने के लिए दुनियाभर में 20,000 मॉडरेटर्स नियुक्त करने का वादा किया था, जिस पर वह अमल शुरू कर चुका है। हजारों की संख्या में भारतीय ग्रैजुएट्स भी इस नौकरी को पाने की रेस में शामिल हैं। बिजनस प्रॉसेस मैनेजमेंट (बीपीएम) कंपनी जेनपैक्ट ने इस साल फेसबुक का कॉन्टेंट मैनेजमेंट सर्विस कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया था। वह तमिल, कन्नड़, ओड़िया, छत्तीसगढ़ी, नेपाली, मराठी, मिजो और पंजाबी सहित दूसरी भारतीय भाषाओं में कॉन्टेंट मॉडरेटर्स को हायर कर रही है। जेनपैक्ट ने ऑनलाइन एंप्लॉयमेंट प्लैटफॉर्म्स के जरिए इसकी वेकेंसी निकाली थी और वह अगस्त से वॉक-इन इंटरव्यू भी आयोजित कर रही है। इकनॉमिक टाइम्स ने रिक्रूटर्स को फोन करके पता किया कि इन लोगों के जिम्मे क्या काम होंगे। उन्होंने बताया, ‘जानी-मानी सोशल मीडिया वेबसाइट पर यूजर के डाले गए कॉन्टेंट और वीडियो को मॉनिटर और मॉडरेट करना होगा, जिससे ऑनलाइन कम्युनिटी को सुरक्षित और मजेदार माहौल मिले। मॉडरेटर्स को सेक्सुअल असॉल्ट, टेररिज्म, बच्चों के यौन उत्पीड़न, लाइव सुसाइड वीडियो और हिंसात्मक कॉन्टेंट को लेकर असहज नहीं होना होगा।’ इसके लिए सालाना 2.25-4 लाख रुपये की सैलरी ऑफर की जा रही है। इसके अलावा कॉन्टेंट मॉडरेटर्स को मंथली इंसेंटिव भी मिलेंगे।

जेनपैक्ट ने ऐड में यह नहीं बताया है कि वह ऐसी नियुक्तियां फेसबुक के लिए कर रही है, लेकिन कंपनी इस रोल में हैदराबाद में हायरिंग कर रही है, जहां सोशल मीडिया कंपनी का ऑफिस है। जेनपैक्ट ने इस जॉब के लिए पूछे गए सवालों का जवाब देने से मना कर दिया। कंपनी के प्रवक्ता ने ईमेल से बताया, ‘हम अपने क्लाइंट्स को जो सर्विस देते हैं, उसे गंभीरता से लेते हैं। हमें क्लाइंट्स के लिए काम की गोपनीयता बनाए रखनी होती है। इसलिए हम स्पेसिफिक रिलेशनशिप पर पूछे गए सवालों पर न कमेंट कर सकते हैं और न ही उसे कंफर्म कर सकते हैं।’

फेसबुक खुद भी कॉन्टेंट मॉडरेटर्स को हायर करती है। इसके साथ 50 से अधिक भाषाओं में पोस्ट्स को मॉनिटर करने के लिए वह जेनपैक्ट जैसी कंपनियों को आउटसोर्सिंग भी करती है। इस मामले में फेसबुक के प्रवक्ता ने कहा, ‘सेफ्टी और सिक्योरिटी पर हमारी टीम का साइज इस साल दोगुना होने जा रहा है। दुनिया भर में 20,000 लोग इसके लिए काम करेंगे। इसमें हमारी 7,500 लोगों की कॉन्टेंट रिव्यूअर्स की टीम भी शामिल है, जिसमें लगातार बढ़ोतरी हो रही है।’ उन्होंने जेनपैक्ट के साथ पार्टनरशिप को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब नहीं दिए।

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